नमस्कार किसान भाइयों!
आपका मेरे ब्लॉग में हार्दिक स्वागत है। आज मैं एक ऐसी कृषि तकनीक के बारे में जानकारी साझा कर रहा हूँ, जिसका उपयोग देश के कई सफल किसान कर रहे हैं। यह तकनीक विशेष रूप से सब्ज़ी की खेती में अत्यधिक लाभदायक सिद्ध हो रही है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे — प्लास्टिक मल्चिंग पेपर क्या होता है, इसे कैसे बिछाया जाता है, और इससे किसान भाइयों को क्या-क्या लाभ मिलते हैं।
🟢 मल्चिंग पेपर क्या होता है?
मल्चिंग पेपर एक विशेष प्रकार का प्लास्टिक शीट होता है, जो एक तरफ से सिल्वर और दूसरी तरफ से काले रंग का होता है। यह विभिन्न मोटाई (micron) में आता है:
मोटाई (Micron) उपयोगिता
- 18–20 सामान्य सब्ज़ी फसलों के लिए
- 25 मध्यम अवधि की फसल (टमाटर, मिर्च)
- 30 लंबी अवधि की फसल (शिमला मिर्च आदि)
- 50 (UV Stable) तेज धूप व लंबे समय के लिए
👉 सब्ज़ी खेती के लिए 20–25 माइक्रोन का पेपर उपयुक्त माना जाता है।
✅ मल्चिंग पेपर से क्या फायदे होते हैं?
नमी बनाए रखता है: पौधों की जड़ों को पर्याप्त नमी मिलती है, जिससे उनकी वृद्धि बेहतर होती है।
खरपतवार नियंत्रण: निराई-गुड़ाई की ज़रूरत नहीं पड़ती, जिससे लेबर खर्च बचता है।
पानी की बचत: वाष्पीकरण कम होता है, खासकर सूखा प्रभावित इलाकों में यह फायदेमंद है।
रोग व कीट नियंत्रण: कई फंगस और कीड़ों से सुरक्षा मिलती है।
UV किरणों से सुरक्षा: तेज धूप में भी पौधे सुरक्षित रहते हैं।
उत्पादन में वृद्धि: फसल की पैदावार 10% से 80% तक बढ़ सकती है।
🔧 मल्चिंग पेपर कैसे बिछाएं? आसान तरीका
आवश्यक सामग्री:
- मल्चिंग पेपर रोल (20–30 माइक्रोन)
- ड्रिप इरिगेशन पाइप (16 mm, 8.5 फीट)
- 2 फावड़े
- कटर
कदम-दर-कदम प्रक्रिया:
1- बेड बनाएं:
जैसे अगर तरबूज की खेती करनी है, तो 3 फीट चौड़ा बेड और दोनों तरफ 1–1 फीट रास्ता रखें।
2- ड्रिप पाइप बिछाएं:
बेड के बीच में सिंगल लाइन ड्रिप पाइप बिछा दें।
3- पेपर बिछाना (क्रॉस गड्ढा विधि):
- बेड के एक सिरे से शुरुआत करें।
- एक व्यक्ति एक तरफ, दूसरा व्यक्ति दूसरी तरफ फावड़े से क्रॉस में छोटे-छोटे गड्ढे बनाएं।
- मल्चिंग पेपर को सिल्वर साइड ऊपर और ब्लैक साइड नीचे रखें।
- रोल को खींचते जाएं और गड्ढों में मिट्टी भरते जाएं।
4 – पेपर को टाइट करें:
बीच-बीच में रोल को खींचकर टाइट करें। बेड के अंत में पेपर काटें और किनारों को मिट्टी से अच्छे से दबा दें।
⏱️ 2–3 मजदूरों से 1 एकड़ खेत में एक ही दिन में पेपर बिछाना संभव है।
🔩 छेद (होल) कैसे बनाएं?
पौधे लगाने के लिए हमें पेपर में छेद बनाने होंगे। इसके लिए आप एक छोटा सा जुगाड़ बना सकते हैं:
2 इंची लोहे का पाइप लें और नीचे से धार दें। अंदर से जाली लगाकर, साइड में 4 फीट का सरिया वेल्ड करवा लें (हैंडल के लिए)। गर्म कोयले से इसे गरम करें और मल्चिंग पेपर पर हल्का दबाकर छेद बनाएं। छेद क्रॉस ज़िग-ज़ैग में करें, आमने-सामने नहीं।
👉 इस विधि से 2.5 घंटे में एक एकड़ खेत में छेद बन सकते हैं।
📈 मल्चिंग पेपर की कीमत (2025 अनुमान)
मोटाई (Micron) अनुमानित मूल्य (₹ प्रति रोल)
- 20 ₹1300 – ₹1700
- 25 ₹1600 – ₹2000
- 30 ₹1400 – ₹1800
- 50 (UV Stable) ₹2200 – ₹2800
नोट: कीमत ब्रांड, क्वालिटी और स्थान अनुसार अलग हो सकती है।
⚠️ कुछ जरूरी सावधानियाँ:
मल्चिंग पेपर सुबह या हवा नहीं चलने के समय बिछाएं। 18 माइक्रोन के पेपर पर न चलें — यह आसानी से फट सकता है।सिल्वर साइड को हमेशा ऊपर रखें — तभी UV किरणों से सुरक्षा मिलेगी।
🟩 निष्कर्ष:
मल्चिंग पेपर एक छोटी लागत में बड़ा लाभ देने वाली तकनीक है। इससे किसान भाई पानी, लेबर, समय, और रोग सभी पर नियंत्रण पा सकते हैं। यदि आप सब्ज़ी की खेती कर रहे हैं तो यह तकनीक अपनाकर आप उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ा सकते हैं।
FAQ
Q. मल्चिंग पेपर क्या है?
Answer – मल्चिंग पेपर एक प्लास्टिक शीट है जो खेत में नमी बचाने और खरपतवार रोकने के लिए बिछाई जाती है।
Q. इसे क्यों लगाना चाहिए?
Answer – यह पानी बचाता है, फसल को रोगों से बचाता है और उत्पादन बढ़ाता है।
Q. इसकी कीमत क्या है?
Answer- मोटी पर निर्भर ₹1300 से ₹3000 प्रति रोल तक होती है।
Q. कौन सी फसलें उगाई जा सकती हैं?
Answer- टमाटर, मिर्च, शिमला मिर्च, तरबूज, कद्दू आदि।
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